चैत्र नवरात्र मेला
लाखों श्रद्धालुओं द्वारा नंगे पाँव सैकड़ों किलोमीटर पदयात्रा कर लांगुरिया गीतों और भक्तिमय माहौल के साथ चैत्र नवरात्र मेला कैलादेवी धाम में बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है।
चैत्र नवरात्र मेला कैलादेवी धाम का सबसे बड़ा और मुख्य वार्षिक उत्सव है, जो गर्मियों की शुरुआत में मार्च-अप्रैल के दौरान आयोजित होता है। इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि भीषण गर्मी और तपती धूप की परवाह किए बिना लाखों श्रद्धालु राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों से सैकड़ों किलोमीटर की लंबी पदयात्रा नंगे पाँव तय करके माता के दरबार में पहुँचते हैं, जहाँ उनके हाथों में लाल ध्वजा और जुबान पर माता के जयकारे होते हैं। इस दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में चैत्र मास के पारंपरिक लांगुरिया गीतों, ढोलक-मंजीरों की थाप और हिंदू नववर्ष के आगमन पर होने वाले विशेष वासंतिक अनुष्ठानों, घटस्थापना तथा रात्रि जागरणों की गूँज से पूरा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और जीवंत हो उठता है।