शारदीय नवरात्र मेला
वर्षा ऋतु के समापन और खेतों में फसल की कटाई के बाद किसान अपनी मन्नतें पूरी होने पर धन्यवाद देने के लिए बड़े उत्साह से पदयात्रा करके कैलादेवी धाम पहुँचते हैं।
शारदीय नवरात्र मेला सितंबर-अक्टूबर के सुहाने और हल्की ठंड वाले मौसम में मनाया जाता है, जहाँ वर्षा ऋतु के समापन और खेतों में फसल की कटाई के बाद किसान अपनी मन्नतें पूरी होने पर धन्यवाद देने के लिए बड़े उत्साह से व्यवस्थित रूप से पदयात्रा करके कैलादेवी धाम पहुँचते हैं। इस पावन अवसर पर मंदिर में माँ का विशेष भव्य शृंगार किया जाता है, प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती के पाठ, हवन और विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होते हैं, तथा भजनों में शक्ति की उपासना के साथ-साथ महाष्टमी और महानवमी के दिन होने वाले विशाल कन्या पूजन व पूर्णाहुति का विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है।